राम मंदिर चढ़ावा मामला: SIT के सामने पेश हुए संतोष दुबे, आज सौंप सकते हैं दस्तावेजी साक्ष्य

अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे और दान की कथित हेराफेरी के मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। मामले के प्रमुख शिकायतकर्ता और हिंदू धर्म सेना के प्रमुख संतोष दुबे से रविवार को पूछताछ की गई। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने उनसे आरोपों के समर्थन में दस्तावेजी साक्ष्य मांगे हैं, जिन्हें वह सोमवार को उपलब्ध करा सकते हैं।

राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच के तहत नगर कोतवाल ने संतोष दुबे को सीओ सिटी कार्यालय बुलाया, जहां उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एसआईटी के तीन सदस्यीय पैनल के सामने अपना पक्ष रखा। पूछताछ के दौरान टीम ने उनसे मामले से जुड़े तथ्यों और आरोपों पर विस्तार से जानकारी ली।

आज पेश किए जा सकते हैं साक्ष्य

सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने संतोष दुबे से आरोपों के समर्थन में दस्तावेजी प्रमाण उपलब्ध कराने को कहा है। इस पर उन्होंने साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए सोमवार तक का समय मांगा है। माना जा रहा है कि जांच टीम इन दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी।

मामला सबसे पहले उठाने वालों में शामिल

अयोध्या निवासी संतोष दुबे राम मंदिर आंदोलन से जुड़े पूर्व कारसेवक रहे हैं और वर्तमान में हिंदू धर्म सेना के प्रमुख हैं। राम मंदिर में चढ़ावे और दान की कथित हेराफेरी का मुद्दा सार्वजनिक रूप से उठाने वालों में उनका नाम प्रमुख रूप से सामने आया था।

उन्होंने राम जन्मभूमि थाने में लिखित शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपियों का पॉलीग्राफ परीक्षण कराने की मांग भी की थी।

बाबरी विध्वंस मामले में भी रहे आरोपी

संतोष दुबे का नाम 6 दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा ढहाए जाने से जुड़े मामले में भी मुख्य आरोपियों में शामिल रहा था। हाल के दिनों में राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर उनके लगातार दिए जा रहे बयानों के कारण वह चर्चा में हैं।

अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि एसआईटी को सौंपे जाने वाले दस्तावेजों में क्या तथ्य सामने आते हैं और जांच आगे किस दिशा में बढ़ती है।

 

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